
समीर वानखेड़े चंद्रपुर महाराष्ट्र:
राज्य में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद अब सभी राजनीतिक दलों की नजर आगामी स्थानीय स्वशासन चुनाव पर है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी की ओर से एक अहम जानकारी सामने आई है। नागपुर ग्रामीण कांग्रेस के छह प्रमुख पदाधिकारी आज कांग्रेस पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इस बीच आगामी स्थानीय निकाय चुनाव की पृष्ठभूमि पर कांग्रेस में बड़े घमासान की तस्वीर सामने आ रही है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले की मौजूदगी में पार्टी प्रवेश
उमरेड पंचायत समिति की अध्यक्ष गीतांजलि नागभिड़कर और उपाध्यक्ष सुरेश लेंडे, पंचायत समिति सदस्य दादाराव मंडस्कर, पंचायत समिति सदस्य प्रियंका लोखंडे बीजेपी में शामिल हो गए हैं। भिवापुर पंचायत समिति के उपाध्यक्ष राहुल मसराम भी भाजपा में शामिल हो गये हैं। इसके साथ ही उमरेड बाजार समिति के निदेशक भीकाजी भोयर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। यह पार्टी बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजू परवे की पहल पर शामिल हुई है। ये पार्टी प्रवेश बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रशेखर बावनकुले की मौजूदगी में हुआ।
चुनाव की पृष्ठभूमि पर कांग्रेस में बड़ा घमासान
एक तरफ लोकसभा चुनाव 2024 में महायुति को महाराष्ट्र में हार मिली. महाविकास अघाड़ी को भारी मतों से शानदार जीत मिली. हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में महायुति ने अप्रत्याशित बहुमत हासिल कर अपनी सत्ता बरकरार रखी और राज्य में फिर से महायुति की सरकार बनी। ऐसा देखने को मिला कि महाविकास अघाड़ी को तगड़ा झटका लगा। इसके बाद महाविकास अघाड़ में असमंजस की स्थिति सामने आ रही है। हाल ही में कांग्रेस नेता नितिन राऊत ने माविया पर हमला बोला था। लोकसभा के बाद हमने मुख्यमंत्री पद के लिए बहस की, एक-दूसरे पर जमकर बरसे, उन्होंने माविया फटकार लगाई । इसके बाद शिवसेना उद्धव बाला साहेब ठाकरे के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने नागपुर में बोलते हुए आजादी का नारा बुलंद किया। राजनीतिक हलके से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इस तरह आगामी स्थानीय स्वशासन चुनावों की पृष्ठभूमि में कांग्रेस में बड़ी हार की तस्वीर दिख रही है।
कार्यकर्ताओं के लिए अवसरों की कमी के कारण पार्टी का विकास प्रभावित होता है
नागपुर से मुंबई तक हम अपने दम पर लड़ेंगे।’ एक बार हम भी देखना चाहते हैं, जो होगा सो होगा, हम ऐसे ही निर्णय लेते हैं। मुंबई, ठाणे नागपुर में कार्यकर्ताओं को कब मौका दिया जाएगा? कार्यकर्ताओं के लिए अवसरों की कमी के कारण पार्टी का विकास प्रभावित होता है। संजय राउत ने ऐलान किया है कि सभी पार्टियों को स्थानीय निकाय का चुनाव अपने दम पर लड़ना चाहिए और अपने कार्यकर्ताओं को मौका देना चाहिए। संजय राउत के ऐलान के बाद महाविकास अघाड़ी में सहयोगी दलों की क्या होगी भूमिका? यह देखना महत्वपूर्ण होगा।










